Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
हालांकि 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने से आपको लग सकता है कि आपका सबकà¥à¤› ठीक है, लेकिन फिर à¤à¥€ वाकई आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿ हैं ये पकà¥à¤•ा होने में कà¥à¤› वकà¥à¤¤ लग सकता है। लेकिन, कà¥à¤› सही समय पर किठगठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ और थोड़े à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ के साथ आप और आपका साथी आपके सफल तौर पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿ होने की आपकी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं का सबसे अधिक लाठउठा सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में, आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में कà¥à¤› जटिल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो रही होती हैं। हालांकि जो हो रहा होता है वह आपको दिखाई नहीं देता है और आप केवल बहà¥à¤¤ हलà¥à¤•ी सी टीस महसूस कर सकती हैं, 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होना उन घटनाओं की शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ हो सकती है जो आपके शिशॠके जनà¥à¤® को वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता में बदलने वाली हो।
अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤—
हर माह आपके 2 अंडाशयों में से 1 के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• अंडाणॠमà¥à¤•à¥à¤¤ होगा। यह बारी-बारी से दोनों में से होता है और कà¥à¤› महिलाओं में उनके हर मासिक चकà¥à¤° में 1 से अधिक अंडाणॠमà¥à¤•à¥à¤¤ होते हैं। अंडाणॠà¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ की à¤à¤• “शैयà¥à¤¯à¤¾â€ पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है जिसे फ़ॉलिकल कहते हैं। फ़ॉलिकल पर à¤à¤• खास हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है जो यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है कि उसे कब फटना है ताकि अंडाणॠफैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ किया जाà¤à¥¤ हालांकि हर महिने बहà¥à¤¤ से फोलिकल अंडाणॠके परिपकà¥à¤µ होने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ करते हैं, लेकिन 20 में से केवल à¤à¤• पà¥à¤°à¤¬à¤² फोलिकल ही यह काम करता है।
साथ ही, जिस समय आपके फोलिकल अंडाणॠको परिपकà¥à¤µ बनाने में लगे होते हैं, आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की परत का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हो रहा होता है। फोलिकल में विशिषà¥à¤Ÿ कोशिकाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ मà¥à¤•à¥à¤¤ किया जाता है और इससे आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निषेचित अंडाणॠपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने हेतॠतैयार होने में मदद मिलती है।
यदि आपके साथी के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ से आपका अंडाणॠनिषेचित नहीं हो पाता है तो आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर रकà¥à¤¤ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ मोटी परत की जरूरत नहीं होती और यही आपके अगले पीरियड में शरीर से बाहर निकाल दिया जाà¤à¤—ा।
आपका अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— कब होगा?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं के मासिक चकà¥à¤° 28-32 दिनों के होते हैं, हालांकि इससे कà¥à¤› दिन कम-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ को सामानà¥à¤¯ अवधि के रूप में ही माना जाता है। आमतौर पर अंतिम पीरियड के पहले दिन के बाद 14वें दिन के आसपास अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— (ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨) होता है। जिन महिलाओं में 28 दिन से लंबी या छोटी अवधि वाला चकà¥à¤° होता है, उनके अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— का समय अलग-अलग होगा।
आप यह कैसे जानेंगी कि आपका अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— कब होता है?
कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सूकà¥à¤·à¥à¤® बातें हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— के लिठतैयार होने पर जान सकती हैं। ये बातें हर महिला के लिठअलग-अलग होती हैं और आपका अनà¥à¤à¤µ किसी दूसरी महिला के अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकता है!
कà¥à¤› महिलाओं में à¤à¤¸à¥€ गंधों को महसूस करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बॠजाती है जो उनमें पहले नहीं होती।
पेड़ू के आस-पास दरà¥à¤¦à¥¤ इसे मिटेलशà¥à¤®à¤°à¥à¥› कहते हैं, जो à¤à¤• जरà¥à¤®à¤¨ शबà¥à¤¦ है जिसका अरà¥à¤¥ होता है ‘मधà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‡ का दरà¥à¤¦â€™à¥¤
सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल मà¥à¤¯à¥‚कस में परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥¤ सामानà¥à¤¯ पैटरà¥à¤¨ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इन बदलावों का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ होता है शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ से होकर अंडाणॠकी ओर अधिक सरलता से गमन करने की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ देना।फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² मà¥à¤¯à¥‚कस अंडे की सफेदी की तरह लग सकता है या वासà¥à¤¤à¤µ में जितना होता है उससे अधिक पनीला और फिसलनयà¥à¤•à¥à¤¤ लग सकता है।
कà¥à¤› महिलाओं में कामेचà¥à¤›à¤¾ बॠजाती है और वे अपने साथी के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक लैंगिक आकरà¥à¤·à¤£ महसूस करती हैं। किसी जैविक सà¥à¤¤à¤° पर à¤à¤• महिला के चकà¥à¤° के सबसे फ़रà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² समय पर ये पà¥à¤°à¤•ृति का जोड़ों के बीच संà¤à¥‹à¤— करने की इचà¥à¤›à¤¾ पैदा करने का तरीका होता है।
लार और मूतà¥à¤° की à¤à¤¸à¥€ जांचे उपलबà¥à¤§ हैं, जो किसी महिला को इस बात के लिठसतरà¥à¤• करने में मदद कर सकती हैं कि उनमें अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— हà¥à¤† है। ये जांज मेडिकल सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤°à¥à¤¸ में उपलबà¥à¤§ हैं।
शरीर के सामानà¥à¤¯ तापमान में वृदà¥à¤§à¤¿à¥¤ किसी महिला में अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— के दौरान उनके शरीर का सामानà¥à¤¯ तापमान कà¥à¤› डिगà¥à¤°à¥€ बॠजाता है। कà¥à¤› महीनों तक अपने तापमान का चारà¥à¤Ÿ बनाने से आप परिवरà¥à¤¤à¤¨ के उस पैटरà¥à¤¨ को देख सकती हैं जो आपको यह जानने में मदद करता है कि आप कब सबसे अधिक जननकà¥à¤·à¤® हैं।
अपने फोलिकल से निकलने के 12-24 घंटे बाद तक अंडाणॠनिषेचन के योगà¥à¤¯ होते हैं। शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ इससे बहà¥à¤¤ अधिक लंबी अवधि 3 से 5 दिनों तक जीवित रह सकता है। इसका अरà¥à¤¥ यह है कि वे कà¥à¤› दिनों तक अंडाणॠके साथ सफल निषेचन के अनà¥à¤•ूल अवसर की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ कर सकते हैं। इसलिà¤, यदि आप गरà¥à¤ धारण करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रही हैं तो इसके लिठसबसे सही होगा कि आप अपने अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— होने के कà¥à¤› दिनों पहले या बाद में संà¤à¥‹à¤— करें।
| --------------------------- | --------------------------- |